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తిరుమల (Tirumala) में लागू होंगे 'स्वर्ण मंदिर' जैसे कड़े नियम! चंद्रबाबू नायडू सरकार लाने जा रही है नया कानून

A symbolic image showing the Tirumala Venkateswara Temple with a wooden gavel in the foreground, representing the AP government's plan to introduce a strict new Golden Temple-like Act for TTD.

अमरावती (Amravati): आंध्र प्रदेश सरकार दुनिया के सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों में से एक, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के प्रबंधन और नियमों को लेकर एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) की सरकार तिरुमाला में पंजाब के अमृतसर स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) की तर्ज पर एक विशेष और सख्त कानून (Act) लागू करने पर विचार कर रही है。

क्यों पड़ रही है इस कानून की ज़रूरत?

हाल के दिनों में तिरुमाला मंदिर से जुड़े कई विवाद सामने आए हैं, जैसे- लड्डू प्रसादम विवाद, हुंडी (परामणि) चोरी और बिचौलियों द्वारा भक्तों के साथ धोखाधड़ी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए सरकार मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है। सोमवार (23 फरवरी 2026) को सीएम चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा परिसर में मंत्रियों और अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।

  • अधिकारियों को निर्देश: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 'अमृतसर स्वर्ण मंदिर अधिनियम' (Golden Temple Act) का गहराई से अध्ययन करने का निर्देश दिया है।
  • क्या होगा इस कानून से? अधिकारियों के मुताबिक, इस विशेष कानून के लागू होने के बाद तिरुमाला में नियम तोड़ने वालों और मंदिर की पवित्रता भंग करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक कार्रवाई (Criminal Action) की जा सकेगी।

डिस्क्लेमर (Declaration) का नियम होगा सख्त

तिरुमाला में दर्शन के लिए आने वाले अन्य धर्मों (गैर-हिंदू) के लोगों से 'डिस्क्लेमर' (Declaration फॉर्म) भरवाने का नियम पहले से है। हालांकि, इसे लेकर अक्सर राजनीतिक विवाद (खासकर वाईएस जगन मोहन रेड्डी के दौरे के समय) होते रहे हैं। अब एनडीए (NDA) गठबंधन सरकार ने फैसला किया है कि तिरुमाला आने वाले गैर-हिंदुओं के लिए 'डिस्क्लेमर' के नियम को शत-प्रतिशत और सख्ती से लागू किया जाएगा。

क्या है स्वर्ण मंदिर का कानून? (What is the Golden Temple Act?)

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और अन्य ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारों का प्रबंधन 'पंजाब सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925' (Punjab Sikh Gurdwaras Act, 1925) के तहत किया जाता है। इसके संचालन के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) बनाई गई है। आंध्र प्रदेश सरकार इसी तर्ज पर तिरुमाला के लिए भी एक स्वायत्त और सख्त कानूनी ढांचा तैयार करने की योजना बना रही है。

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पाठकों के लिए सवाल:
क्या आपको लगता है कि तिरुपति बालाजी मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे सख्त कानून की आवश्यकता है? अपनी राय कमेंट करके जरूर बताएं!


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डिस्क्लेमर: यह खबर तेलुगु समाचार पोर्टल Samayam (Times Internet) की रिपोर्ट पर आधारित है। Source Link: Samayam Telugu

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