नई दिल्ली (New Delhi): सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) के विलय (Merger) को लेकर एक बहुत बड़ी अपडेट सामने आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि फिलहाल सरकार के पास PSU बैंकों के विलय की कोई योजना या रोडमैप नहीं है। इस बयान से बैंकिंग सेक्टर में चल रही विलय की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
क्या है PSU बैंकों के विलय का सच?
रिजर्व बैंक (RBI) के बोर्ड को संबोधित करने के बाद मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति साफ करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
- उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं ऐसे किसी रोडमैप से वाकिफ नहीं हूँ... फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है।
- बजट की तैयारियों या हालिया बैठकों में भी बैंक कंसोलिडेशन (विलय) का मुद्दा नहीं उठाया गया था।
यह भी पढ़ें: AI ने फिर छीनी नौकरियां! Livspace ने 1000 कर्मचारियों को निकाला; को-फाउंडर ने भी दिया इस्तीफा
'विकसित भारत' के लिए बनेगी नई बैंकिंग समिति
भले ही विलय की योजना न हो, लेकिन सरकार का मुख्य फोकस देश के बैंकिंग इकोसिस्टम को भविष्य के लिए मजबूत करने पर है:
- केंद्रीय बजट 2026-27 में 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति' (High-Level Committee on Banking for Viksit Bharat) बनाने का ऐलान किया गया है।
- यह समिति भारत के बैंकिंग सेक्टर की पूरी समीक्षा करेगी और इसे देश के विकास लक्ष्यों के साथ जोड़ेगी।
- उम्मीद है कि यह कमेटी 'मेगा लेंडर्स' (बड़े बैंक) बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी, जो भारत की बड़ी वित्तीय जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।
यह भी पढ़ें: 'साफ पर्यावरण जीने का अधिकार है!' कचरा प्रबंधन (Waste Management) पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
इतिहास और संदर्भ (Context)
आपको बता दें कि साल 2019-2020 में सरकार ने 10 बड़े सरकारी बैंकों का विलय करके उन्हें 4 मजबूत बैंकों में तब्दील कर दिया था, ताकि उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ सके। अब नई समिति वित्तीय स्थिरता, समावेशन और ग्राहकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए भविष्य की रूपरेखा तय करेगी। वहीं, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी भरोसा जताया है कि भारतीय बैंक पूरी तरह से मजबूत (Adequately capitalised) हैं और अगले चार से पांच वर्षों तक क्रेडिट ग्रोथ और अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में 100% सक्षम हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) ❓
- Q: क्या आने वाले समय में सरकारी बैंकों का विलय (Merger) होगा?
A: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मौजूदा बयान के अनुसार, अभी इसके लिए कोई रोडमैप या योजना नहीं है। - Q: नई बैंकिंग समिति का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A: इस समिति का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सेक्टर की व्यापक समीक्षा करना और 'विकसित भारत' की जरूरतों के हिसाब से उसे मजबूत बनाना है।
पाठकों के लिए सवाल:
क्या आपको लगता है कि भविष्य में अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए PSU बैंकों का फिर से विलय होना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!
डिस्क्लेमर: यह खबर 'The Times of India' (TOI) की रिपोर्ट और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की हालिया प्रेस ब्रीफिंग पर आधारित है। #timelessindianews
Source Link: The Times of India
Social Plugin