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US-Russia Tension: अलास्का के पास घुसे 5 रूसी फाइटर जेट्स और बॉम्बर; अमेरिका ने F-16 और F-35 भेजकर खदेड़ा, अलर्ट पर NORAD

A US Air Force F-35 fighter jet intercepting and escorting a Russian Tu-95 bomber over the snowy coast of Alaska ADIZ.

वॉशिंगटन (Washington): अमेरिका और रूस के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। 'नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड' (NORAD) ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को अलास्का के तट के पास 5 रूसी सैन्य विमानों को ट्रैक किया और उन्हें इंटरसेप्ट (Intercept) किया। इन रूसी विमानों को अमेरिकी एयरस्पेस के बेहद करीब 'अलास्का एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन' (ADIZ) में उड़ते हुए देखा गया था।

क्या था रूसी बेड़े में और अमेरिका ने कैसे दिया जवाब?

रॉयटर्स (Reuters) और NORAD की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई छोटा-मोटा गश्ती दल नहीं था।

  • रूसी विमान (The Intruders): इस रूसी बेड़े में 2 'Tu-95' रणनीतिक बॉम्बर (Strategic Bombers), 2 'Su-35' फाइटर जेट्स और 1 'A-50' एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट शामिल था।
  • अमेरिकी पलटवार (The Response): जैसे ही NORAD के रडार ने इन विमानों को पकड़ा, अमेरिका और कनाडा की संयुक्त कमान ने तुरंत अपने 9 विमान आसमान में उतार दिए! इनमें 2 'F-16' फाइटर जेट, 2 'F-35' स्टील्थ फाइटर, 1 'E-3' सर्विलांस विमान और 4 'KC-135' रीफ्यूलिंग टैंकर शामिल थे।
  • क्या हुआ फिर? अमेरिकी फाइटर जेट्स ने रूसी विमानों की पहचान की और उन्हें तब तक एस्कॉर्ट (Escort) करके बाहर का रास्ता दिखाया, जब तक कि वे ADIZ से पूरी तरह बाहर नहीं निकल गए।

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क्या यह अमेरिका पर हमले की कोशिश थी? (Was it a Threat?)

NORAD ने स्पष्ट किया है कि रूसी सैन्य विमान पूरी तरह से 'अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र' (International Airspace) में ही रहे और उन्होंने कभी भी अमेरिका या कनाडा के संप्रभु (Sovereign) एयरस्पेस में प्रवेश नहीं किया। NORAD के मुताबिक, अलास्का ADIZ में इस तरह की रूसी गतिविधियां "नियमित रूप से होती रहती हैं और इसे किसी सीधे खतरे (Threat) के रूप में नहीं देखा जाता है"।

ADIZ क्या है? (What is ADIZ?)

'एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन' (ADIZ) अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का वह हिस्सा होता है जो किसी देश की संप्रभु सीमा से ठीक बाहर शुरू होता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी विदेशी विमान को अपनी पहचान बताना अनिवार्य होता है। हाल के वर्षों में (खासकर जुलाई और अगस्त 2024 में), रूस और चीन दोनों ने अलास्का के पास इस तरह की संयुक्त गश्त बढ़ा दी है, जो आर्कटिक क्षेत्र में महाशक्तियों की बढ़ती होड़ का संकेत है।

भले ही अमेरिकी सेना इसे 'रूटीन' बता रही हो, लेकिन जिस बड़े पैमाने पर अमेरिका ने अपने F-35 और F-16 विमानों को इंटरसेप्ट करने के लिए भेजा, वह दिखाता है कि अमेरिका अपनी हवाई सीमाओं को लेकर कितना सतर्क है। यूक्रेन युद्ध और व्यापारिक तनावों के बीच, आर्कटिक और प्रशांत महासागर में यह 'कैट-एंड-माउस' गेम आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) ❓

  • Q: NORAD क्या है? A: नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) अमेरिका और कनाडा का एक संयुक्त सैन्य संगठन है, जो उत्तरी अमेरिका के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी करता है।
  • Q: क्या रूसी विमानों ने अमेरिका की सीमा तोड़ी? A: नहीं, विमान ADIZ (बफर जोन) में थे, लेकिन उन्होंने अमेरिका के मुख्य संप्रभु (Sovereign) हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया।

पाठकों के लिए सवाल: क्या आपको लगता है कि रूस बार-बार अमेरिकी एयरस्पेस के पास अपने बॉम्बर भेजकर अमेरिका की रक्षा तैयारियों का 'टेस्ट' ले रहा है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें!

डिस्क्लेमर: यह खबर अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Reuters) और NORAD (North American Aerospace Defense Command) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज़ और बयानों पर आधारित है। #timelessindianews 

Source Link: Reuters

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