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IAF Grounded Tejas Fleet After Airframe Damage वायुसेना का बड़ा फैसला: हादसे के बाद 30 'तेजस' फाइटर जेट्स की उड़ान पर लगाई रोक!

Indian Air Force ground crew inspecting a damaged Tejas Light Combat Aircraft after an emergency landing on a frontline airbase runway due to suspected brake failure.

नई दिल्ली (New Delhi): भारतीय वायुसेना (Indian Air Force - IAF) से जुड़ी एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है。 वायुसेना के स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट 'तेजस' (Tejas) को लैंडिंग के दौरान एक गंभीर हादसे का सामना करना पड़ा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में विमान के 'एयरफ्रेम' (Airframe) को भारी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि पायलट समय रहते इजेक्ट (Eject) करने में सफल रहा और सुरक्षित बच गया。

हादसा कैसे और कब हुआ?

'द हिंदू' (The Hindu) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुर्घटना 7 फरवरी 2026 को हुई थी।

  • ब्रेक फेल होने की आशंका: एक ट्रेनिंग सॉर्टी (Training Sortie) पूरी करने के बाद जब तेजस जेट एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर वापस लौट रहा था, तभी संदिग्ध रूप से उसके ब्रेक फेल हो गए।
  • रनवे से उतरा विमान: ब्रेक फेल होने के कारण विमान रनवे (Runway) को पार कर गया (Overshoot), जिससे उसके बाहरी ढांचे (Airframe) को भारी क्षति पहुंची।
  • उड़ान पर लगी रोक: इस गंभीर घटना के तुरंत बाद, वायुसेना ने तकनीकी जांच (Technical Scrutiny) पूरी होने तक अपने लगभग 30 सिंगल-सीट वाले 'तेजस' विमानों के पूरे बेड़े को ग्राउंड (Grounded) कर दिया है, यानी इनकी उड़ान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

तेजस का यह तीसरा हादसा

दुर्भाग्य से, तेजस लड़ाकू विमानों से जुड़ा यह पहला मामला नहीं है।

  • पहला हादसा: मार्च 2024 में एक तेजस जेट राजस्थान के जैसलमेर के पास क्रैश हो गया था।
  • दूसरा हादसा: नवंबर 2025 में, दुबई एयरशो (Dubai Airshow) में हवाई करतब दिखाते समय एक और तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है जिसे एयर डिफेंस, समुद्री टोही और स्ट्राइक (Strike) मिशन के लिए डिजाइन किया गया है।

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आगे क्या?

यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब तेजस बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), वायुसेना को 'Tejas Mark 1A' वेरिएंट की सप्लाई करने की कई डेडलाइन पहले ही मिस कर चुकी है। रक्षा मंत्रालय ने फरवरी 2021 में 83 तेजस Mk-1A के लिए ₹48,000 करोड़ का और पिछले साल सितंबर में 97 और जेट्स के लिए ₹62,370 करोड़ का सौदा किया था। हालांकि, अमेरिकी कंपनी 'GE Aerospace' द्वारा इंजन सप्लाई में हो रही देरी के कारण विमानों की डिलीवरी लटकी हुई है। अब इस हादसे के बाद, वायुसेना द्वारा की जा रही तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है。


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) ❓

  • Q: क्या हादसे में पायलट सुरक्षित है?
    A: हाँ, संदिग्ध ब्रेक फेलियर के बाद पायलट ने समय रहते सुरक्षित इजेक्ट कर लिया था।
  • Q: वायुसेना ने कितने तेजस विमानों को ग्राउंड किया है?
    A: एहतियात के तौर पर लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों के बेड़े की उड़ान रोकी गई है।

पाठकों के लिए सवाल:
स्वदेशी तेजस विमानों के साथ हो रहे इन लगातार हादसों पर आपकी क्या राय है? क्या आपको लगता है कि HAL को इनकी क्वालिटी टेस्टिंग और सख्त करनी चाहिए? कमेंट बॉक्स में अपने विचार जरूर साझा करें!


डिस्क्लेमर: यह खबर 'The Hindu' और समाचार एजेंसी 'PTI' की रिपोर्ट पर आधारित है। भारतीय वायुसेना द्वारा घटना की आधिकारिक तकनीकी जांच (Technical Scrutiny) जारी है। #timelessindianews

Sources: The Hindu 

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