नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: अगर आप ईपीएफ (EPF) सब्सक्राइबर हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी। अक्सर इमरजेंसी में पीएफ का पैसा निकालने के लिए हफ्तों का इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन अब मोदी सरकार इसे पूरी तरह डिजिटल और फास्ट बनाने जा रही है। एनडीटीवी (NDTV) की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय श्रम मंत्रालय एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसके तहत अप्रैल 2026 तक कर्मचारी UPI (Unified Payments Interface) के जरिए सीधे अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकेंगे।
अप्रैल से बदल जाएगा पैसा निकालने का तरीका (UPI Integration) श्रम मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ईपीएफओ के सिस्टम को यूपीआई से जोड़ा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य पीएफ निकासी की प्रक्रिया को पारदर्शी और तत्काल (Instant) बनाना है।
कब से लागू होगा: इस सुविधा के अप्रैल 2026 तक शुरू होने की संभावना है।
कैसे होगा काम: आपको बस अपने आधार और बैंक खाते से लिंक यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करना होगा और कुछ ही सेकंड में पैसा आपके बैंक खाते में होगा।
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क्या है 'फ्रीजिंग' और 'विड्रॉल' का नया फॉर्मूला? (New Project Rules) मंत्रालय जिस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, उसमें फंड को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है:
- फ्रोजन हिस्सा (Frozen Part): ईपीएफ का एक निश्चित हिस्सा रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित (Freeze) रखा जाएगा, जिसे आप बीच में नहीं निकाल पाएंगे।
- विड्रॉल हिस्सा (Liquid Part): आपके फंड का एक बड़ा हिस्सा निकासी के लिए उपलब्ध (Available) रहेगा। इसे ही आप यूपीआई के जरिए जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाल सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि कर्मचारियों को छोटी-मोटी जरूरतों या मेडिकल इमरजेंसी के लिए किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े।
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा? वर्तमान में, पीएफ निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम करने के बाद भी पैसा आने में 3 से 15 दिन का समय लगता है। कई बार तकनीकी कारणों से क्लेम रिजेक्ट भी हो जाते हैं। यूपीआई सुविधा आने से:
- बिना कागजी कार्रवाई: क्लेम सेटलमेंट की जटिल प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।
- इमरजेंसी में मददगार: अस्पताल के खर्च या बच्चों की फीस जैसे समय पर पैसा तुरंत मिल सकेगा।
- बिचौलियों की छुट्टी: अब किसी एजेंट या ऑफिस के चक्कर काटने की जरूरत नहीं रहेगी।
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