India-France Rafale Deal: भारत खरीदेगा 114 नए राफेल फाइटर जेट; ₹3.25 लाख करोड़ का होगा दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा सौदा; जानें 'मेक इन इंडिया' का क्या है प्लान


₹3.25 लाख करोड़ की मेगा डील (World's Biggest Defence Deal) यह रक्षा सौदा करीब 39 बिलियन डॉलर (₹3.25 लाख करोड़) का होने का अनुमान है, जो भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा अनुबंध होगा।

  • विमानों की कुल संख्या: इस सौदे के बाद भारत के पास राफेल विमानों की कुल संख्या 176 हो जाएगी (36 पहले से हैं, 26 नौसेना के लिए और अब 114 वायुसेना के लिए)।
  • आधुनिक वेरिएंट: भारत राफेल का सबसे एडवांस F4 वेरिएंट खरीदने जा रहा है, जिसे भविष्य में F5 स्टैंडर्ड तक अपग्रेड किया जा सकेगा।

'मेक इन इंडिया' और स्वदेशी तकनीक (Manufacturing in India) इस डील की सबसे बड़ी शर्त भारत की आत्मनिर्भरता है:

  1. स्थानीय निर्माण: 114 में से लगभग 96 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। केवल 18 विमान 'फ्लाई-अवे' (तैयार) स्थिति में फ्रांस से आएंगे।
  2. स्वदेशी सामग्री: शुरुआत में इन विमानों में 30% स्वदेशी सामग्री का उपयोग होगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 60% तक किया जाएगा।
  3. हथियारों का एकीकरण: भारत ने मांग की है कि राफेल में स्वदेशी मिसाइलें (जैसे अस्त्र) और अन्य भारतीय सिस्टम फिट किए जाएं।

मैक्रों की यात्रा और AI इम्पैक्ट समिट राष्ट्रपति मैक्रों 16 से 20 फरवरी 2026 के बीच भारत में रहेंगे। वे नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'AI Impact Summit 2026' में भी हिस्सा लेंगे। इसी यात्रा के दौरान रक्षा मंत्रालय और डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) के बीच औपचारिक समझौते की उम्मीद है।

निष्कर्ष: चीन और पाकिस्तान की बढ़ती चुनौतियों के बीच राफेल का यह सौदा भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' में राफेल के शानदार प्रदर्शन ने वायुसेना का भरोसा इस विमान पर और बढ़ा दिया है।


⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट हालिया मीडिया कवरेज और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों पर आधारित है। सौदे की अंतिम शर्तों और लागत में आधिकारिक घोषणा के बाद बदलाव संभव है। #timelessindianews
Source: india.com 

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