राजसमंद/राजस्थान: सरहद की रक्षा करने वाला एक जवान जब खुद ही अपनों के बीच से गायब हो जाए, तो सवाल और डर दोनों बढ़ जाते हैं। राजस्थान के राजसमंद जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। सीआरपीएफ (CRPF) के जवान नंदकिशोर प्रजापत पिछले 18 दिनों से रहस्यमयी ढंग से लापता हैं। हैरानी की बात यह है कि जवान का सारा सामान कैंप में ही मिला है, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है।
नीमच से भीम (राजसमंद) के लिए निकले थे जवान जानकारी के अनुसार, नंदकिशोर प्रजापत मध्य प्रदेश के नीमच में तैनात थे। वे 50 दिन की लंबी छुट्टी मंजूर करवाकर अपने घर भीम (राजसमंद) के लिए निकले थे। परिवार उनकी राह देख रहा था कि कब 'देश का वीर' घर लौटेगा, लेकिन 18 दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई अता-पता नहीं है। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, जवान की आखिरी लोकेशन और उनके संपर्क टूटने के बाद से परिवार गहरे सदमे में है।
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कैंप में मिला सामान: सुसाइड या साजिश? इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जांच के दौरान जवान का सारा सामान उनके कैंप में ही पाया गया। अगर जवान घर के लिए निकल चुके थे, तो उनका सामान पीछे कैसे रह गया? यह सवाल पुलिस और सीआरपीएफ प्रशासन के लिए पहेली बना हुआ है। परिवार का आरोप है कि मामला उतना सीधा नहीं है जितना दिख रहा है। क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या इसके पीछे कोई और रहस्य छिपा है?
न्याय की गुहार और दर-दर भटकता परिवार नंदकिशोर के बूढ़े माता-पिता और पत्नी पिछले दो हफ्तों से न्याय के लिए पुलिस थानों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। "हमारा बेटा देश की रक्षा के लिए गया था, आज वह खुद कहाँ है किसी को नहीं पता," यह कहते हुए परिजनों के आंसू नहीं थम रहे। सोशल मीडिया पर भी जवान की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है ताकि सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।
निष्कर्ष: एक सैनिक का इस तरह गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। #timelessindianews प्रशासन से अपील करता है कि इस मामले की गहन जांच हो और नंदकिशोर का जल्द से जल्द पता लगाया जाए।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट मीडिया सूत्रों और परिवार द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। #timelessindianews किसी भी साजिश के दावे की पुष्टि नहीं करता है, मामला अभी जांच के अधीन है।
Source: Zeenews
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