नई दिल्ली: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने देश भर में वाहन सुरक्षा को लेकर एक कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन वाहनों (दोपहिया और चार पहिया) पर अभी तक High-Security Registration Plates (HSRP) नहीं लगी है, उन्हें अब भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। विभाग ने इसके लिए 15 जनवरी 2026 की समय-सीमा (Deadline) तय की है। इसके बाद बिना HSRP वाले वाहनों को सड़कों पर अवैध माना जाएगा और ट्रैफिक पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
HSRP क्यों है जरूरी? (Importance of HSRP): हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट केवल एक प्लेट नहीं है, बल्कि यह वाहन की सुरक्षा के लिए एक डिजिटल पहचान है।
- चोरी की रोकथाम: इन प्लेटों पर एक विशेष 'लेजर-एच्ड' क्रोमियम होलोग्राम होता है, जिसे बदलना या हटाना नामुमकिन है। इससे वाहन चोरी होने पर उसे ट्रैक करना आसान हो जाता है।
समानता: पूरे देश में एक ही तरह की नंबर प्लेट होने से सुरक्षा एजेंसियों को डेटा मैनेज करने में मदद मिलती है।
डिजिटल ट्रैकिंग: इन प्लेटों में लगे 'स्नैप लॉक' से छेड़छाड़ करते ही वे टूट जाती हैं, जिससे अपराधियों के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करना कठिन हो जाता है।
दोपहिया वाहनों के लिए ₹2,000 से ₹5,000 तक का चालान।
चार पहिया और भारी वाहनों के लिए ₹5,000 से ₹10,000 तक का भारी जुर्माना।
बार-बार उल्लंघन करने पर वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
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