नई दिल्ली (New Delhi): अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है कि अगर वह परमाणु समझौते पर राजी नहीं होता है, तो उसे 'बहुत बुरे दिन' देखने पड़ सकते हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने भी एक अहम कदम उठाया है。
भारत समेत कई देशों की एडवाइजरी
मध्य पूर्व (Middle East) में बिगड़ते हालात और संभावित युद्ध के खतरे को देखते हुए कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं:
- भारत सरकार ने सोमवार को एक एडवाइजरी जारी कर अपने सभी नागरिकों से जल्द से जल्द परिवहन के उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने को कहा है।
- भारत के अलावा स्वीडन, सर्बिया, ऑस्ट्रेलिया और पोलैंड ने भी अपने नागरिकों से तुरंत ईरान से सुरक्षित बाहर निकलने की अपील की है।
Also Read: Mexico: मोस्ट वांटेड ड्रग लॉर्ड 'El Mencho' ढेर! सेना के ऑपरेशन के बाद पूरे देश में भड़की भीषण हिंसा
जिनेवा में होने वाली अहम वार्ता
इन सबके बीच गुरुवार, 26 फरवरी को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच एक बेहद अहम परमाणु वार्ता होनी है。
- इस वार्ता के लिए डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) और जेरेड कुश्नर (Jared Kushner) ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे।
- ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समझौता करना पसंद करेंगे, लेकिन ईरान के न मानने पर अमेरिका पीछे नहीं हटेगा।
Also Read: US-Russia Tension: अलास्का के पास घुसे 5 रूसी फाइटर जेट्स और बॉम्बर
इतिहास और संदर्भ
जिनेवा वार्ता से पहले अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत को भारी मात्रा में बढ़ा दिया है। इस सैन्य तैनाती में दो विमान वाहक पोत (Aircraft carriers), लड़ाकू विमान और रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल हैं, जिसे 2003 के इराक युद्ध के बाद से अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती माना जा रहा है। इस बीच, ईरान में लोगों के फोन पर एक रहस्यमयी मैसेज भी आया है जिसमें लिखा है, "अमेरिकी राष्ट्रपति एक्शन लेने वाले व्यक्ति हैं। इंतज़ार करें और देखें," जिसने स्थानीय लोगों में और खौफ पैदा कर दिया है。
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) ❓
- Q: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता कब होगी?
A: दोनों देशों के बीच 26 फरवरी को जिनेवा में अहम बातचीत होनी है। - Q: क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है?
A: अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता डील करना है, लेकिन डील न होने पर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
पाठकों के लिए सवाल:
क्या आपको लगता है कि अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा वार्ता से शांति स्थापित हो पाएगी, या दुनिया को एक नए युद्ध का सामना करना पड़ेगा? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!
डिस्क्लेमर: यह खबर 'Hindustan Times' की रिपोर्ट और वैश्विक समाचार एजेंसियों के लाइव अपडेट्स पर आधारित है। #timelessindianews
Source Link: Hindustan Times
Social Plugin