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तिरुपति लड्डू विवाद: क्या फिर खतरे में है प्रसादम की पवित्रता? TTD चेयरमैन ने 'घी घोटाले' के आरोपों को बताया झूठ; पूरी खबर

TTD Chairman B.R. Naidu press conference regarding Tirupati Laddu ghee procurement controversy, with Srivari Laddu in foreground.


तिरुपति/अमरावती (Tirupati/Amaravati): भगवान वेंकटेश्वर के करोड़ों भक्तों के लिए 'श्रीवारी लड्डू' (Srivari Laddu) सिर्फ एक प्रसाद नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से इस पवित्र लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी की खरीद को लेकर फिर से सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों के भारी हंगामे के बीच, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के चेयरमैन बी.आर. नायडू (B.R. Naidu) ने सामने आकर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। क्या है पूरा सच?

आखिर क्यों मचा है बवाल?

ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब विपक्षी पार्टी (YSRCP) ने आरोप लगाया कि TTD ने नियमों को ताक पर रखकर कुछ खास डेयरियों (जैसे Indapur Dairy) को फायदा पहुंचाया है और कर्नाटक की प्रसिद्ध 'नंदिनी डेयरी' (Nandini Dairy) की अनदेखी की है।

  • चेयरमैन की सफाई: बी.आर. नायडू ने स्पष्ट किया कि 2024-25 में 65 लाख किलो घी की खरीद पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया से हुई है।
  • नंदिनी का हिस्सा: उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि कुल खरीद का 62% (करीब 40 लाख किलो) घी कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (नंदिनी) से ही लिया जा रहा है।
  • कीमत का गणित: घी के दामों में बढ़ोतरी का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में गाय के दूध की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जिसका असर घी के रेट पर पड़ा है।

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नए नियम: पवित्रता बचाने के लिए 'डिजिटल कवच'

भक्तों के भरोसे को बनाए रखने के लिए TTD ने अब एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। घी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए 'ई-प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म' (E-Procurement Platform) लॉन्च किया जा रहा है।

  • GPS ट्रैकिंग: अब घी लाने वाले हर टैंकर पर जीपीएस लॉक लगा होगा ताकि रास्ते में कोई मिलावट न कर सके।
  • दूरी घटी: घी खराब न हो, इसके लिए खरीद का दायरा 1500 किमी से घटाकर 800 किमी कर दिया गया है।
  • सख्त जांच: अब सभी सप्लायर्स को NABL और FSSAI से मान्यता प्राप्त लैब रिपोर्ट्स जमा करनी होंगी।

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आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

धार्मिक मामलों के जानकारों का कहना है, "तिरुपति लड्डू की पहचान उसकी सुगंध और स्वाद है। अगर घी की क्वालिटी से समझौता हुआ, तो यह करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाएगा। TTD का डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ना एक स्वागत योग्य कदम है।"

विपक्ष इसे 'घोटाला' बता रहा है, जबकि TTD इसे 'सुधार' कह रहा है। लेकिन एक बात साफ है—लड्डू प्रसादम की पवित्रता पर अब कोई भी जोखिम नहीं लिया जा सकता। नए नियमों से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे विवाद नहीं होंगे। #timelessindianews आपको पल-पल की अपडेट देता रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) ❓

  • Q: क्या तिरुपति लड्डू में मिलावटी घी का इस्तेमाल हुआ है? A: TTD चेयरमैन ने इससे साफ इनकार किया है और कहा है कि सभी क्वालिटी टेस्ट पास करने के बाद ही घी स्वीकार किया जाता है।

  • Q: नंदिनी घी का टेंडर रद्द हुआ था क्या? A: नहीं, चेयरमैन के मुताबिक नंदिनी (KMF) अभी भी सबसे बड़ा सप्लायर है और कुल जरूरत का 62% घी वही दे रहा है।

पाठकों के लिए सवाल: क्या आपको लगता है कि मंदिरों के प्रबंधन में सरकार का दखल कम होना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट TTD चेयरमैन के आधिकारिक बयान और मीडिया रिपोर्ट्स (Deccan Chronicle/OneIndia) पर आधारित है। #timelessindianews

Source Link: OneIndia/Deccan Chronicle - TTD Ghee Issue

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