लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा और स्कूल स्तर पर छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। Hindustan Herald की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति आवेदन की हार्ड कॉपी शिक्षण संस्थानों में जमा करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी 2026 तय की गई है। यदि इस समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं हुए, तो हजारों छात्रों का आवेदन स्वत: रद्द हो जाएगा। इस खबर के सामने आते ही कॉलेजों के बाहर छात्रों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं।
आखिर क्यों जोखिम में है हजारों छात्रों की छात्रवृत्ति?
छात्रवृत्ति प्रक्रिया केवल ऑनलाइन फॉर्म भरने तक सीमित नहीं है। हार्ड कॉपी जमा करना वह महत्वपूर्ण कड़ी है जिसके बिना समाज कल्याण विभाग आपके आवेदन पर विचार नहीं करता।
- वेरिफिकेशन में रुकावट: कॉलेज जब तक हार्ड कॉपी प्राप्त नहीं करता, वह आपके डाटा को पोर्टल पर 'फॉरवर्ड' (Forward) नहीं कर सकता।
- दस्तावेजों की त्रुटि: कई छात्रों के फॉर्म में बैंक खाता आधार से लिंक न होने या आय प्रमाण पत्र के एक्सपायर होने की समस्या आ रही है, जिसे सुधारने का अब बहुत कम समय बचा है।
- तकनीकी खामियां: अंतिम दिनों में सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण पोर्टल का धीमा होना छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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यूपी छात्रवृत्ति का महत्व और पिछले आंकड़े
उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति योजना राज्य की सबसे बड़ी लोक कल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जो अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखें तो समय पर हार्ड कॉपी जमा न होने के कारण लगभग 10 से 15 प्रतिशत पात्र छात्र अपनी राशि से वंचित रह गए थे। 2024-25 के सत्र में भी कड़े नियमों के चलते कई संस्थानों का डाटा समय पर फॉरवर्ड नहीं हो पाया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया था।
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अंतिम 48 घंटों में क्या करें छात्र?
शिक्षा विशेषज्ञ और समाज कल्याण सलाहकार डॉ. आलोक श्रीवास्तव के अनुसार, "छात्रों को अब एक मिनट भी बर्बाद नहीं करना चाहिए। यदि आपका ऑनलाइन फॉर्म फाइनल सबमिट हो चुका है, तो तुरंत उसका प्रिंटआउट लें और कॉलेज के काउंटर पर पहुंचें। कॉलेजों को भी चाहिए कि वे इस विशेष अवधि में अतिरिक्त स्टाफ लगाकर दस्तावेजों की जांच करें। सर्वर की समस्या होने पर छात्रों को विभाग के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि उनके पास तकनीकी बाधा का प्रमाण रहे।" विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि छात्रों को अपने बैंक खाते की 'KYC' तुरंत पूरी रखनी चाहिए।
निष्कर्ष (Conclusion)
18 फरवरी की समय सीमा केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन हजारों सपनों की अग्निपरीक्षा है जो आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। सरकार और प्रशासन को भी छात्रों की भारी भीड़ को देखते हुए लचीला रुख अपनाने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन फिलहाल, छात्रों के लिए समझदारी इसी में है कि वे अंतिम सेकंड का इंतजार किए बिना अपने दस्तावेज जमा करें। #timelessindianews आपको शिक्षा से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर से अपडेट रखता रहेगा।
पाठकों के लिए सवाल: क्या आपने अपनी हार्ड कॉपी जमा कर दी है? अगर पोर्टल या कॉलेज में कोई समस्या आ रही है, तो कमेंट्स में हमें जरूर बताएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों पर आधारित है। छात्रवृत्ति की सटीक तारीखों और प्रक्रिया में किसी भी बदलाव के लिए कृपया आधिकारिक वेबसाइट (scholarship.up.gov.in) और अपने शिक्षण संस्थान से संपर्क करें। #timelessindianews
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