वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: साल 2026 के टैक्स सीजन की शुरुआत के साथ ही Internal Revenue Service (IRS) ने टैक्सपेयर्स के लिए खुशखबरी दी है। Economic Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स फाइल करने के तरीके में एक रणनीतिक बदलाव करके आप इस साल पिछले सालों के मुकाबले कहीं ज्यादा रिफंड हासिल कर सकते हैं। आईआरएस ने मुद्रास्फीति (Inflation) को देखते हुए टैक्स ब्रैकेट और स्टैंडर्ड डिडक्शन में जो बदलाव किए हैं, वे सीधे तौर पर आपकी जेब को राहत पहुँचाने वाले हैं। यदि आप सही क्रेडिट्स और डिडक्शन का चुनाव करते हैं, तो आपका रिफंड चेक काफी मोटा हो सकता है।
आखिर क्या है वो 'रणनीतिक बदलाव'?
ज्यादा रिफंड पाने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा है:
- स्टैंडर्ड बनाम आइटम-वाइज डिडक्शन (Itemized Deductions): साल 2026 में स्टैंडर्ड डिडक्शन की राशि में भारी बढ़ोतरी हुई है। यदि आपके खर्च (जैसे मेडिकल बिल या चैरिटी) इस सीमा से कम हैं, तो स्टैंडर्ड डिडक्शन चुनना ही समझदारी है।
- टैक्स क्रेडिट्स का लाभ: 'चाइल्ड टैक्स क्रेडिट' और 'अर्न्ड इनकम टैक्स क्रेडिट' (EITC) में हुए बदलावों का फायदा उठाने के लिए आपको अपनी फाइलिंग की स्थिति (Filing Status) को बहुत ध्यान से अपडेट करना होगा।
- डिजिटल फाइलिंग और डायरेक्ट डिपॉजिट: आईआरएस अब डिजिटल फाइलिंग को प्राथमिकता दे रहा है। कागज पर फाइल करने के बजाय ऑनलाइन फाइलिंग और 'डायरेक्ट डिपॉजिट' चुनने से रिफंड न केवल जल्दी आता है, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम हो जाती है।
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महंगाई और टैक्स का गणित
आईआरएस हर साल महंगाई दर के आधार पर टैक्स सीमाओं (Tax Brackets) को एडजस्ट करता है। साल 2025 और 2026 में अमेरिका में महंगाई का असर काफी रहा, जिसकी वजह से आईआरएस ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा दिया। पहले लोग अक्सर टैक्स रिफंड को एक 'बोनस' की तरह देखते थे, लेकिन अब इसे एक वित्तीय रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। आईआरएस का नया 'डायरेक्ट फाइल' सिस्टम भी अब ज्यादा राज्यों में उपलब्ध है, जिससे टैक्स फाइलिंग का खर्च भी बच रहा है।
जल्द फाइलिंग है सफलता की कुंजी
टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि 'लास्ट मिनट' का इंतजार करना भारी पड़ सकता है। वित्तीय सलाहकार मार्क स्टीफंस के अनुसार, "आईआरएस इस साल धोखाधड़ी रोकने के लिए नई एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में जो लोग जल्दी और सटीक फाइलिंग करेंगे, उनके रिफंड बिना किसी रुकावट के आएंगे।" विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि टैक्सपेयर्स को अपने 'वेल्डिंग डेटा' और 'रिटायरमेंट कॉन्ट्रिब्यूशन' को फिर से चेक करना चाहिए क्योंकि ये रिफंड बढ़ाने में मदद करते हैं।
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रिफंड स्टेटस कैसे ट्रैक करें?
एक बार फाइल करने के बाद, आप आईआरएस की आधिकारिक वेबसाइट 'Where's My Refund?' टूल के जरिए अपने पैसे का स्टेटस जान सकते हैं। आमतौर पर ई-फाइल करने वालों को 21 दिनों के भीतर पैसा मिल जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
टैक्स फाइलिंग केवल एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग का एक हिस्सा है। आईआरएस के इन रणनीतिक बदलावों का सही उपयोग करके आप अपनी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा रिफंड के रूप में वापस पा सकते हैं। याद रखें, एक छोटी सी सावधानी और सही जानकारी आपके रिफंड को बढ़ा सकती है। #timelessindianews आपको ऐसी ही महत्वपूर्ण आर्थिक खबरों से अपडेट रखता रहेगा।
पाठकों के लिए सवाल: क्या आपने इस साल अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया है? अपनी राय या कोई समस्या कमेंट्स में साझा करें!
⚡️ डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय समाचारों और IRS के सामान्य दिशा-निर्देशों पर आधारित है। टैक्स नियम जटिल हो सकते हैं, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले प्रमाणित टैक्स सलाहकार (Certified Tax Professional) से सलाह जरूर लें। #timelessindianews
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