नई दिल्ली: करोड़ों दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड के 'कॉमेडी किंग' राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की जिंदगी में इस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। Telegraph India की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 के एक पुराने चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से झटका मिलने के बाद अभिनेता ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है जो उन्होंने सरेंडर करने से ठीक पहले दिया। राजपाल यादव ने बेबसी में कहा, "मेरे पास अब पैसे नहीं बचे हैं।" एक सफल अभिनेता की ऐसी आर्थिक तंगी और जेल जाने की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को सन्न कर दिया है।
आखिर कैसे कर्ज के जाल में फंसे राजपाल यादव?
यह मामला केवल एक चेक बाउंस का नहीं है, बल्कि एक अभिनेता की गिरती आर्थिक स्थिति की दास्तां है:
- लोन का बोझ: राजपाल यादव ने साल 2010 में अपनी एक फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
- ब्याज और मुकदमेबाजी: लोन न चुका पाने के कारण यह मामला कोर्ट पहुँचा। ब्याज बढ़ते-बढ़ते करोड़ों में तब्दील हो गया और अंततः 2018 में उन्हें जेल की सजा सुनाई गई।
- सरेंडर की वजह: दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें कर्ज चुकाने के लिए कई बार समय दिया था, लेकिन जब वे समय सीमा के भीतर पैसे नहीं भर पाए और कोर्ट ने डेडलाइन बढ़ाने से मना कर दिया, तो उनके पास सरेंडर के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
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बॉलीवुड का वो सितारा जिसने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया
राजपाल यादव का फिल्मी करियर संघर्ष और मेहनत की मिसाल रहा है। 'हंगामा', 'भूल भुलैया' और 'चुप चुप के' जैसी फिल्मों में उनके किरदारों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। लेकिन अपनी खुद की फिल्म बनाने का जुनून उन पर भारी पड़ गया। 2013 में भी वे इसी मामले में 10 दिन जेल में रह चुके थे, और 2018 में उन्हें 3 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। यह मामला पिछले कई सालों से खिंच रहा है और अब उनकी अपील खारिज होने के बाद उन्हें वापस सलाखों के पीछे जाना पड़ा है।
कलाकारों का बिजनेस में उतरना जोखिम भरा
फिल्म विश्लेषकों और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राजपाल यादव की स्थिति अन्य कलाकारों के लिए एक सबक है। विशेषज्ञों के अनुसार, "अक्सर कलाकार अपनी कला में तो माहिर होते हैं, लेकिन जब वे भारी कर्ज लेकर फिल्म निर्माण (Production) में उतरते हैं, तो वित्तीय गणित बिगड़ने पर वे बुरी तरह फंस जाते हैं।" कानूनी जानकारों का यह भी कहना है कि चेक बाउंस के मामलों में कानून बहुत सख्त है, और राजपाल यादव जैसे हाई-प्रोफाइल केस यह संदेश देते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है।
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फैंस की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर राजपाल यादव के फैंस काफी भावुक नजर आ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि जिस अभिनेता ने पूरी दुनिया को हंसाया, आज उसकी आंखों में आंसू देखना दुखद है। वहीं कुछ लोग इसे कानून की सही प्रक्रिया बता रहे हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
राजपाल यादव की कहानी यह सिखाती है कि सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी एक गलत आर्थिक फैसला सब कुछ तबाह कर सकता है। उम्मीद है कि वे इस मुश्किल घड़ी से जल्द बाहर निकलेंगे और फिर से अपनी कला के जरिए लोगों का मनोरंजन करेंगे। #timelessindianews कानून का सम्मान करता है और अभिनेता के उज्जवल भविष्य की कामना करता है।
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⚡️ डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट Telegraph India और अदालती कार्यवाही के सार्वजनिक रिकॉर्ड पर आधारित है। हमारा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है। #timelessindianews
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