नई दिल्ली: 14 फरवरी 2019 की वो दोपहर आज भी हर भारतीय के जेहन में एक गहरे जख्म की तरह ताज़ा है। आज पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर पूरा देश वीर बलिदानियों को नमन कर रहा है। News18 Hindi की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शहीद जवानों को याद करते हुए उनके साहस और बलिदान को राष्ट्र के लिए अटूट प्रेरणा बताया है। गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित देश की कई बड़ी हस्तियों ने भी शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है।
क्या था वो काला दिन और भारत का जवाब?
14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था।
- बलिदान: इस कायराना हमले में CRPF के 40 बहादुर जवान शहीद हो गए थे।
- देश का संकल्प: PM मोदी ने अपने संदेश में कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। भारत ने इस हमले के जवाब में बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को तबाह कर दिया था, जो नए भारत की 'घर में घुसकर मारने' वाली नीति का प्रतीक बना।
- अमित शाह का संदेश: गृह मंत्री ने कहा कि भारत की सुरक्षा के लिए इन वीरों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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लेथपोरा का वो मंजर
पुलवामा हमला दक्षिण कश्मीर के लेथपोरा इलाके में हुआ था। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने विस्फोटकों से भरी कार को सेना के काफिले से टकरा दिया था। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी। आज लेथपोरा स्थित शहीद स्मारक पर विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है, जहाँ उन 40 वीरों के नाम पत्थर पर अंकित हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी आजादी और सुरक्षा की कीमत क्या है।
"राष्ट्रीय सुरक्षा का नया मोड़"
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पुलवामा हमले के बाद भारत की रक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव आया। रिटायर्ड जनरल जे.जे. सिंह के अनुसार, "पुलवामा ने भारत को अपनी सीमा सुरक्षा और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। आज जब हम शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं, तो हम एक ऐसी सेना को भी देखते हैं जो पहले से कहीं अधिक आधुनिक और सतर्क है।"
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निष्कर्ष (Conclusion)
पुलवामा के शहीदों का बलिदान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, यह उन 40 परिवारों की कहानी है जिन्होंने अपने चिराग खोए। आज हम उन्हें केवल याद ही नहीं कर रहे, बल्कि उनके परिवारों के साथ खड़े होने का संकल्प भी ले रहे हैं। #timelessindianews उन सभी वीर जवानों को कोटि-कोटि नमन करता है।
पाठकों के लिए सवाल: क्या आपको लगता है कि शहीदों के सम्मान में 14 फरवरी को 'वीरता दिवस' के रूप में घोषित किया जाना चाहिए? कमेंट्स में अपनी राय दें!
⚡️ डिस्क्लेमर: यह लेख आधिकारिक सरकारी बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। #timelessindianews शहीदों के सम्मान और राष्ट्र की अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है।
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