बीजिंग/वॉशिंगटन: बाल झड़ना और गंजापन आज के दौर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन चुका है। लेकिन हाल ही में ScienceDaily में प्रकाशित एक रिसर्च ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि प्राचीन चीनी चिकित्सा पद्धति (Traditional Chinese Medicine - TCM) में इस्तेमाल होने वाली कुछ खास जड़ी-बूटियाँ बालों के रोम (Hair Follicles) को दोबारा सक्रिय करने की अद्भुत क्षमता रखती हैं। यह अध्ययन साबित करता है कि जो इलाज आधुनिक विज्ञान अब तक नहीं ढूंढ पाया, वह सदियों पहले चीन के प्राचीन ग्रंथों में लिखा जा चुका था।
आखिर कैसे काम करता है यह प्राचीन फॉर्मूला?
वैज्ञानिकों ने इस शोध में उन जड़ी-बूटियों का गहराई से विश्लेषण किया है जो 'He Shou Wu' (Polygonum multiflorum) जैसी दवाओं का आधार रही हैं। इसके काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार है:
- स्टेम सेल्स का सक्रिय होना: यह फॉर्मूला स्कैल्प में मौजूद उन स्टेम सेल्स को जगा देता है जो बाल बनाना बंद कर चुके होते हैं।
- DHT ब्लॉकर: शोध में पाया गया कि ये प्राकृतिक तत्व शरीर में मौजूद उन हार्मोन्स (DHT) को रोकते हैं जो बालों की जड़ों को सिकोड़ देते हैं।
- रक्त संचार में सुधार: यह प्राचीन नुस्खा स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को इतना बढ़ा देता है कि मृत कोशिकाएं भी फिर से जीवित होने लगती हैं।
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ऐतिहासिक संदर्भ: सदियों पुराना 'काले बालों' का रहस्य (Background Information)
पारंपरिक चीनी चिकित्सा में बालों को 'रक्त का विस्तार' माना जाता है। 2500 साल पहले, चीनी सम्राटों के वैद्य ऐसी जड़ी-बूटियों का उपयोग करते थे जो उम्र बढ़ने के बावजूद उनके बालों को काला और घना रखती थीं। उस समय 'He Shou Wu' का शाब्दिक अर्थ ही "काले बालों वाला मिस्टर ही" होता था। आज 2026 में, विज्ञान ने इन्हीं दावों की पुष्टि लैब में चूहों और इंसानी कोशिकाओं पर परीक्षण करके की है। यह प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक का एक बेजोड़ मेल है।
फार्मा जगत में आएगा तूफान
प्रमुख डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. ली वेई के अनुसार, "यह खोज बालों के झड़ने के इलाज को पूरी तरह बदल देगी। अब तक हम केवल मिनोक्सिडिल (Minoxidil) पर निर्भर थे, जिसके कई साइड इफेक्ट्स होते हैं। लेकिन यह प्राकृतिक समाधान न केवल सुरक्षित है, बल्कि अधिक प्रभावी भी हो सकता है।" विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 12 महीनों में इस फॉर्मूले पर आधारित 'नेचुरल हेयर सीरम' बाजार में उपलब्ध हो सकते हैं, जो हेयर ट्रांसप्लांट जैसे महंगे खर्चों को खत्म कर देंगे।
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निष्कर्ष (Conclusion)
प्राचीन चीनी चिकित्सा पद्धति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति के पास हर समस्या का समाधान है। बालों के दोबारा उगने की यह तकनीक उन लाखों लोगों के लिए एक वरदान है जो अपना आत्मविश्वास खो चुके थे। हालांकि अभी बड़े स्तर पर क्लीनिकल ट्रायल्स बाकी हैं, लेकिन शुरुआती नतीजे बेहद उत्साहजनक हैं। #timelessindianews आपको स्वास्थ्य और विज्ञान की ऐसी ही हर बड़ी खोज से अपडेट रखता रहेगा।
पाठकों के लिए सवाल: क्या आप गंजेपन के इलाज के लिए आयुर्वेदिक या चीनी जड़ी-बूटियों पर भरोसा करेंगे? कमेंट्स में अपनी राय दें!
⚡️ डिस्क्लेमर: यह लेख ScienceDaily की रिपोर्ट पर आधारित है। किसी भी जड़ी-बूटी या दवा का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। #timelessindianews
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