नई दिल्ली/वॉशिंगटन: जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein)—यह नाम केवल एक अपराधी का नहीं, बल्कि रसूखदारों के उस काले नेटवर्क का है जो कानून से ऊपर माना जाता था। हाल ही में, 'Epstein Files Transparency Act' के तहत अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने 30 लाख से अधिक पेजों का एक विशाल जखीरा सार्वजनिक किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा खुलासा है, जिसमें न केवल दस्तावेज़, बल्कि 2,000 से अधिक वीडियो और 1.8 लाख तस्वीरें शामिल हैं।
आखिर क्या हैं ये 'एपस्टीन फाइल्स'?
सरल शब्दों में, एपस्टीन फाइल्स उन अदालती दस्तावेजों, पुलिस रिपोर्ट्स, फ्लाइट लॉग्स और ईमेल का संग्रह हैं जो जेफ्री एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल (Ghislaine Maxwell) के सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क से जुड़े हैं।
- 2024 के पुराने खुलासे: जो वर्जीनिया जूफ्रे (Virginia Giuffre) द्वारा गिलेन मैक्सवेल के खिलाफ किए गए मानहानि के मुकदमे से जुड़े थे।
- 2026 का नया धमाका: नवंबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा साइन किए गए नए कानून के बाद 30 जनवरी 2026 को जारी किए गए लाखों नए दस्तावेज।
इसमें एफबीआई (FBI) की वो गुप्त रिपोर्ट्स भी हैं जो पहले कभी सामने नहीं आई थीं। Sources
भारतीय कनेक्शन: बॉलीवुड से लेकर बिजनेस टाइकून्स तक (Indian Connection)
- अनिल अंबानी (Anil Ambani): दस्तावेजों के अनुसार, 2017-2019 के बीच अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच संपर्क हुआ था।
बताया जा रहा है कि उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों और रक्षा सौदों पर सलाह के लिए एपस्टीन से मुलाकात की थी। Sources - मीरा नायर और नंदिता दास: फिल्म निर्माता मीरा नायर और अभिनेत्री नंदिता दास का नाम भी कुछ इवेंट्स की गेस्ट लिस्ट या इनविटेशन में दिखा है, लेकिन उनकी उपस्थिति या एपस्टीन से सीधे संबंध का कोई सबूत नहीं है।Sources
- अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap): फाइलों में एक "Bollywood Guy" का जिक्र है, जिसे अनुराग कश्यप बताया गया है।
ईमेल में उन्हें बीजिंग में एक इवेंट के लिए इनवाइट करने की बात कही गई थी। हालांकि, अनुराग कश्यप ने इसका कड़ा खंडन करते हुए कहा है, "मैं आज तक कभी बीजिंग गया ही नहीं और न ही एपस्टीन से कभी मिला।" Sources
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रसूखदारों का 'सेफ हेवन'
जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिसके पास अपना प्राइवेट आइलैंड, जेट और दुनिया भर में संपत्तियां थीं। उस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण का आरोप था।
"नाम होना अपराध नहीं"
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इन फाइलों को बहुत सावधानी से पढ़ने की जरूरत है। एक वरिष्ठ अमेरिकी वकील के अनुसार, "एपस्टीन के पास एक विशाल नेटवर्क था। किसी का नाम उसकी डायरी या फ्लाइट लॉग में होने का मतलब यह नहीं है कि उसने कोई अपराध किया है। कई लोग केवल बिजनेस मीटिंग्स या सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उससे मिले थे और उन्हें उसके काले कारनामों की भनक भी नहीं थी।" हालांकि, 2026 के नए दस्तावेजों में पीड़ितों की पहचान उजागर होने पर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है।
नए खुलासे में क्या खास है?
- वीडियो और तस्वीरें: पहली बार टेक्स्ट के अलावा विजुअल सबूत सामने आए हैं।
- रेडैक्शन की गलतियां: जल्दबाजी में जारी किए गए दस्तावेजों में कई पीड़ितों के नाम और पते गलती से लीक हो गए हैं, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Epstein Files का खुलना न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन यह कई निर्दोष लोगों के लिए मुसीबत भी बन सकता है। यह हमें सिखाता है कि शक्ति और पैसे की आड़ में कैसे दशकों तक अपराध को छुपाया जा सकता है। #timelessindianews इन फाइलों की हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है और आपको सच से रूबरू कराता रहेगा।
पाठकों के लिए सवाल: क्या आपको लगता है कि एपस्टीन की मौत का सच कभी सामने आ पाएगा? कमेंट्स में अपनी राय दें!
⚡️ डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी सार्वजनिक दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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