मुंबई/न्यूयॉर्क: पिछले 24 घंटों में सराफा बाजार ने जो उथल-पुथल देखी, वैसी शायद ही पहले कभी देखी गई हो। ऐतिहासिक गिरावट के बाद अब सोने की कीमतों में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बिकवाली (Wipeout) के बाद सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के नए नामांकन और उनके 'हॉकिश' (कड़ा रुख) बयानों ने निवेशकों के मन में अभी भी एक डर पैदा कर रखा है। बाजार यह समझने की कोशिश कर रहा है कि क्या यह केवल एक छोटा सुधार है या गिरावट का अगला दौर अभी बाकी है।
आखिर क्यों थम गई गिरावट? (Deep Analysis)
बाजार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए हमें इन तीन प्रमुख बिंदुओं पर गौर करना होगा:
- फेड की 'हॉकिश' नीति का असर: फेडरल रिजर्व में नए नामांकन के बाद यह माना जा रहा है कि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद अब कम हो गई है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोने की मांग कम हो जाती है क्योंकि निवेशक डॉलर और बॉन्ड्स की ओर रुख करते हैं।
- ओवरसोल्ड स्थिति (Oversold Zone): पिछले दिन की भारी गिरावट के बाद, तकनीकी रूप से सोना 'ओवरसोल्ड' स्थिति में पहुँच गया था, जिसके कारण खरीदारों ने निचले स्तरों पर छोटी खरीदारी शुरू की है, जिससे कीमतें स्थिर हुई हैं।
- डॉलर इंडेक्स की चाल: डॉलर की मजबूती में थोड़ी रुकावट आई है, जिससे सोने को संभलने का मौका मिला है।
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युद्ध और वैश्विक तनाव का असर (Background Information)
सोने की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक (Geopolitical) भी है। पिछले दो सालों में मध्य पूर्व (Middle East) और रूस-यूक्रेन संकट के कारण सोने ने सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी धाक जमाई थी और रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छुआ था। इतिहास गवाह है कि जब भी बाजार में अनिश्चितता होती है, सोना चमकता है। हालांकि, मौजूदा समय में अमेरिकी आर्थिक नीतियों में बदलाव ने सोने के उस 'सेफ हेवन' स्टेटस को कड़ी चुनौती दी है, जो पिछले एक दशक में शायद ही कभी देखी गई हो।
क्या यह खरीदने का सही समय है? (Expert Opinions)
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान गिरावट एक 'पैनिक सेल' का नतीजा थी। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में $2,500 के ऊपर टिका रहता है, तो इसमें जल्द ही वापसी (Recovery) देखी जा सकती है। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय 'एसआईपी' (SIP) के रूप में सोने में निवेश करें।
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आने वाले दिनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत
आने वाले हफ्तों में होने वाली फेड की बैठक और महंगाई (Inflation) के आंकड़े यह तय करेंगे कि सोना फिर से रिकॉर्ड ऊंचाई छुएगा या अपनी चमक खो देगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
सोने की कीमतों में स्थिरता केवल एक 'विराम' (Pause) है या एक नई तेजी की शुरुआत, यह समय बताएगा। लेकिन निवेशकों को अब अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार की अस्थिरता के बीच अपनी रणनीति को बदलना और विशेषज्ञों की राय लेना ही समझदारी है। #timelessindianews आपको निवेश और बाजार की हर छोटी-बड़ी खबर से अपडेट रखता रहेगा।
पाठकों के लिए सवाल: क्या आपको लगता है कि इस गिरावट के बाद अब सोने में निवेश करना सुरक्षित है? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं!
⚡️ डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और Investing.com के डेटा पर आधारित है। निवेश से जुड़े फैसले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह के बाद ही लें। #timelessindianews
Source: investing.com
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