वॉशिंगटन/बिजनेस डेस्क: वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व ने अपनी दो दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक के बाद ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। CNBC Daily Open की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार को पहले से ही इस फैसले की उम्मीद थी, लेकिन असली 'इन्ट्रीग' (जिज्ञासा) फेड के उस बयान में छिपी थी जो महंगाई और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
ब्याज दरें स्थिर, फिर चर्चा क्यों? (The Real Intrigue)
दरों में कोई बदलाव न होने के बावजूद, निवेशकों के बीच निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा गर्म है:
- महंगाई का दबाव: फेड ने स्वीकार किया कि महंगाई दर उनके 2% के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, लेकिन अभी "अंतिम जीत" घोषित करना जल्दबाजी होगी।
- लेबर मार्केट की मजबूती: अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर बने हुए हैं, जो फेड को दरों में कटौती (Rate Cut) करने से फिलहाल रोक रहे हैं।
- अगली कटौती कब?: बाजार अब मार्च या मई की बैठक का इंतजार कर रहा है। जेरोम पॉवेल के बयान से संकेत मिलता है कि वे जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएंगे।
शेयर बाजार पर क्या हुआ असर? (Market Reaction)
फेड के फैसले के बाद वॉल स्ट्रीट पर मिला-जुला रुख देखा गया:
- टेक स्टॉक्स: ब्याज दरों के लंबे समय तक स्थिर रहने की संभावना से टेक कंपनियों के शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई।
- बॉन्ड यील्ड: ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता रही, जो यह दर्शाती है कि बाजार ने फेड के रुख को पहले ही भांप लिया था।
- डॉलर इंडेक्स: डॉलर में मजबूती आई है, जिसका असर भारतीय रुपये (INR) जैसी उभरती हुई मुद्राओं पर पड़ सकता है।
भारत के लिए इसके मायने (Impact on India)
भारतीय निवेशकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- FII निवेश: अगर अमेरिका में दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर अमेरिकी बॉन्ड्स में लगा सकते हैं।
- RBI का अगला कदम: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अपनी अगली बैठक में फेड के इस रुख को ध्यान में रखकर फैसला लेगा।
निष्कर्ष: फेडरल रिजर्व ने 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की नीति अपनाई है। बाजार अब इस बात को लेकर उत्साहित है कि क्या 2026 के मध्य तक दरों में कटौती का सिलसिला शुरू होगा। #timelessindianews आपको ग्लोबल इकोनॉमी की हर हलचल से अवगत कराता रहेगा।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट CNBC और ग्लोबल फाइनेंशियल डेटा पर आधारित है। शेयर बाजार और निवेश में जोखिम शामिल है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें। #timelessindianews
Source: Cnbc
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