नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: दिल्ली दंगों के आरोपी और पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, जो पिछले 5 सालों से जेल में बंद हैं, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गए हैं। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद की दौड़ में शामिल और वर्तमान विधानसभा सदस्य ज़ोहरान मामदानी (Zohran Mamdani) ने खालिद को एक पत्र लिखकर अपना समर्थन व्यक्त किया है। मामदानी ने पत्र में लिखा है कि न्यूयॉर्क के लोग खालिद की स्थिति को देख रहे हैं और वे उनके साहस की प्रशंसा करते हैं।
मामदानी के पत्र में क्या लिखा है? ज़ोहरान मामदानी, जो भारतीय मूल के हैं, ने अपने पत्र में उमर खालिद को संबोधित करते हुए कहा, "हम आपके बारे में सोच रहे हैं। आपकी हिम्मत और लोकतंत्र के लिए आपकी लड़ाई न्यूयॉर्क में हम सभी के लिए प्रेरणा है।" मामदानी ने खालिद की लंबी हिरासत पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है।
कौन हैं ज़ोहरान मामदानी? ज़ोहरान मामदानी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर के बेटे हैं और न्यूयॉर्क राज्य विधानसभा के सदस्य हैं। वे आगामी न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में एक प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभर रहे हैं। वे पहले भी कश्मीर और भारत के अन्य आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणी कर चुके हैं, जिससे कई बार भारत में उनकी आलोचना हुई है।
क्या बढ़ेगा राजनीतिक तनाव? भारत सरकार ने पहले भी विदेशी नेताओं द्वारा भारत के न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप की कड़ी निंदा की है। उमर खालिद पर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने और 'गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आरोप लगे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पत्र से मामले की कानूनी प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में कड़वाहट ज़रूर ला सकता है।
पूरी खबर का निष्कर्ष यह है कि विदेशी राजनेताओं द्वारा भारत के संवेदनशील कानूनी मामलों पर टिप्पणी करना एक बार फिर "आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप" की बहस को तेज़ कर गया है। अब देखना यह है कि भारत का विदेश मंत्रालय इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पत्र के अंशों पर आधारित है। उमर खालिद के मामले में अंतिम निर्णय माननीय न्यायालय का होगा। #timelessindianews
Source: Times of India / PTI
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