नई दिल्ली/मुंबई (New Delhi/Mumbai): भारतीय वायुसेना (IAF) के इतिहास का आज सबसे बड़ा दिन हो सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) भारत के दौरे पर हैं, और उनके साथ ही एक ऐसी खबर आई है जिसने दुश्मनों की नींद उड़ा दी है।
क्या है इस 'ब्लॉकबस्टर' डील का सच?
यह सौदा सिर्फ विमान खरीदने का नहीं, बल्कि भारत को 'डिफेंस हब' बनाने का है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने इस खरीद को मंजूरी दे दी है।
- 114 जेट्स का गणित: खबरों के अनुसार, 18 विमान 'फ्लाई-अवे' कंडीशन (तैयार हालत) में फ्रांस से आएंगे, जबकि बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे।
- मेक इन इंडिया: यह पहली बार होगा जब राफेल जैसा अत्याधुनिक विमान भारत की धरती पर, भारतीय कंपनियों (संभवतः Tata Group) के साथ मिलकर बनाया जाएगा।
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: फ्रांस भारत को इस विमान की 100% तकनीक देने को तैयार हो गया है, जो अमेरिका या रूस देने से कतराते रहे हैं।
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36 से 114 का सफर
याद कीजिए 2016, जब भारत ने 36 राफेल विमान खरीदे थे।
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यह सदी की सबसे बड़ी डील है
रक्षा विशेषज्ञ और पेरिस के साइंसेज पो (Sciences Po) के प्रोफेसर क्रिस्टोफ जाफरलोट (Christophe Jaffrelot) ने इसे "कॉन्ट्रैक्ट ऑफ द सेंचुरी" (सदी का समझौता) बताया है।
इमैनुएल मैक्रों का यह दौरा और $35 बिलियन की यह संभावित डील भारत-फ्रांस संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। 114 नए राफेल विमानों के आने से भारतीय वायुसेना एशिया में एक अजेय ताकत बन जाएगी। अब बस अंतिम हस्ताक्षर का इंतजार है। #timelessindianews आपको इस डील की हर अपडेट सबसे पहले देगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) ❓
- Q: भारत कितने राफेल विमान खरीद रहा है? A: कुल 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदने की योजना है।
- Q: क्या ये विमान भारत में बनेंगे? A: जी हां, रिपोर्ट्स के मुताबिक 96 विमान भारत में 'मेक इन इंडिया' के तहत बनाए जाएंगे।
पाठकों के लिए सवाल: क्या आपको लगता है कि राफेल डील से भारत 'आत्मनिर्भर' बन पाएगा या हमें अपनी खुद की 'तेजस' (Tejas) परियोजना पर ही ध्यान देना चाहिए? कमेंट में बताएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्रों के प्रारंभिक संकेतों पर आधारित है। रक्षा सौदों की शर्तें और संख्या अंतिम समझौते तक बदल सकती हैं। #timelessindianews
Source Link: FT/Agencies - Macron India Visit & Rafale Deal
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