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Google की बड़ी चेतावनी! दुनियाभर के 40% स्मार्टफोन पर हैकर का कब्जा? अपना डेटा बचाने के लिए तुरंत करें ये 5 काम; पूरी खबर

Google warning showing 40 percent of Android smartphones at risk of cyber attacks due to outdated software in 2026.


नई दिल्ली: यदि आप भी उन लोगों में से हैं जो सालों से एक ही स्मार्टफोन चला रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। Aaj Tak और अन्य प्रमुख समाचार स्रोतों की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने हाल ही में खुलासा किया है कि वैश्विक स्तर पर उपयोग किए जा रहे 40% से अधिक एंड्रॉयड फोन अब मैलवेयर (Malware) और स्पाईवेयर (Spyware) हमलों के लिए आसान निशाना बन गए हैं। इस खतरे की सबसे बड़ी वजह उन फोन्स में पुराने एंड्रॉयड वर्जन का होना है, जिन्हें अब गूगल की ओर से जरूरी सुरक्षा अपडेट (Security Updates) नहीं मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि 1 अरब से ज्यादा डिवाइस इस समय बिना किसी 'कवच' के इंटरनेट पर चल रहे हैं।

आखिर कौन से फोन हैं सबसे ज्यादा खतरे में?

गूगल के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, एंड्रॉयड इकोसिस्टम में एक बड़ा अंतर (Gap) पैदा हो गया है:

  • असुरक्षित वर्जन: वे सभी स्मार्टफोन जो Android 12 या उससे पुराने वर्जन पर चल रहे हैं, उन्हें अब गूगल से सुरक्षा पैच नहीं मिल रहे।
  • आंकड़ों का खेल: वर्तमान में केवल 58% एंड्रॉयड फोन ही सुरक्षित (Android 13 या नए) माने जा रहे हैं, जबकि बाकी पूरी तरह असुरक्षित हैं।
  • खतरे का प्रकार: हैकर्स पुराने वर्जन की कमियों (Bugs) का फायदा उठाकर आपके बैंकिंग पासवर्ड, फोटो और निजी चैट को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं।

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क्यों बंद होते हैं सिक्योरिटी अपडेट?

एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है जिसे सैमसंग, शाओमी, और वनप्लस जैसी कंपनियां इस्तेमाल करती हैं। आमतौर पर कंपनियां 3 से 4 साल तक ही सिक्योरिटी अपडेट प्रदान करती हैं। साल 2026 में आकर स्थिति यह है कि 2021-22 से पुराने अधिकतर फ्लैगशिप फोन भी अब 'Legacy' यानी पुराने हो चुके हैं। एपल के आईओएस (iOS) के विपरीत, जहाँ अपडेट एक साथ मिलते हैं, एंड्रॉयड में विखंडन (Fragmentation) की वजह से करोड़ों यूजर्स पुराने और असुरक्षित सॉफ्टवेयर पर अटके रह जाते हैं।

अब फोन बदलने का समय आ गया है

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 'नो अपडेट' का मतलब है 'नो सेफ्टी'। विशेषज्ञों के अनुसार, "यदि आपका फोन एंड्रॉयड 13 पर अपडेट नहीं हो सकता, तो वह एक 'सिटिंग डक' (आसान शिकार) है।" विशेषज्ञों की सलाह है कि पुराने महंगे (High-end) फोन का इस्तेमाल करने के बजाय एक नया बजट या मिड-रेंज फोन खरीदना बेहतर है, जिसमें कम से कम 4 साल के अपडेट का वादा हो।

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खुद को सुरक्षित रखने के लिए ये काम तुरंत करें:

  1. सॉफ्टवेयर चेक: Settings > About Phone में जाकर अपना एंड्रॉयड वर्जन चेक करें।
  2. Security Patch: अपडेट सेक्शन में जाकर देखें कि क्या कोई पेंडिंग पैच उपलब्ध है।
  3. Google Play Protect: सुनिश्चित करें कि यह फीचर ऑन है, ताकि ऐप्स स्कैन होते रहें।
  4. अज्ञात सोर्स: कभी भी अनजान लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट से ऐप डाउनलोड न करें।
  5. नया डिवाइस: यदि आपका फोन 4-5 साल पुराना है, तो उसे अपग्रेड करने पर विचार करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

डिजिटल सुरक्षा आज के दौर में सबसे महत्वपूर्ण है। गूगल की यह चेतावनी करोड़ों लोगों के लिए एक अलार्म है। अपने बैंकिंग डेटा और प्राइवेसी को हल्के में न लें। यदि आपका फोन अपडेट नहीं हो रहा है, तो सतर्क हो जाएं। #timelessindianews आपको सुरक्षित रहने और नई तकनीक से अपडेट रहने में हमेशा मदद करेगा।

पाठकों के लिए सवाल: आपके फोन में अभी एंड्रॉयड का कौन सा वर्जन चल रहा है? कमेंट्स में बताएं ताकि हम आपको सही सलाह दे सकें!

⚡️ डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट गूगल के आधिकारिक डेटा और Aaj Tak की न्यूज़ रिपोर्ट पर आधारित है। सुरक्षा सेटिंग्स में बदलाव करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट्स का संदर्भ लें। #timelessindianews

सोर्स लिंक: Aaj Tak - Google Android Security Risk 40 Percent Phones

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