‘This is Proper Test Cricket’: जैकब बेथेल ने टेस्ट क्रिकेट के असली रोमांच पर दिया बड़ा बयान; न्यूज़ीलैंड की पिचों पर इंग्लैंड के 'युवा शेर' का अनुभव


क्राइस्टचर्च/खेल डेस्क: टेस्ट क्रिकेट को अक्सर धैर्य और तकनीक की परीक्षा माना जाता है। इंग्लैंड के युवा ऑलराउंडर जैकब बेथेल (Jacob Bethell), जिन्हें हाल ही में इंग्लैंड की टेस्ट टीम में शामिल किया गया है, ने न्यूज़ीलैंड के कड़े दौरों के बीच टेस्ट क्रिकेट के असली स्वरूप पर अपनी राय रखी है। बेथेल ने कहा कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेलना उनके लिए एक "प्रॉपर टेस्ट क्रिकेट" (Proper Test Cricket) का अनुभव है, जहाँ हर गेंद एक नई चुनौती पेश करती है।

जैकब बेथेल का उदय और अनुभव: 21 वर्षीय जैकब बेथेल को इंग्लैंड के 'बैजबॉल' (Bazball) एरा के एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है। न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में, जहाँ गेंद हवा में स्विंग होती है और पिच से अच्छी उछाल मिलती है, बेथेल ने महसूस किया कि टेस्ट क्रिकेट टी-20 या वनडे से कोसों अलग है। उन्होंने कहा, "सफेद गेंद के क्रिकेट में आपके पास आक्रामक होने का मौका होता है, लेकिन यहाँ (टेस्ट में) आपको अपनी स्किल्स को परिस्थितियों के अनुसार ढालना पड़ता है। यह असली क्रिकेट है।"

न्यूज़ीलैंड की पिचों का दबदबा: न्यूज़ीलैंड की पिचें दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही हैं। विशेष रूप से क्राइस्टचर्च और वेलिंगटन जैसे मैदानों पर तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद किसी भी बल्लेबाज की तकनीक की धज्जियां उड़ा सकती है। बेथेल ने स्वीकार किया कि न्यूज़ीलैंड के अटैक, जिसमें टिम साउथी और मैट हेनरी जैसे अनुभवी गेंदबाज हैं, के सामने खेलना उनके करियर का सबसे कठिन और सीखने वाला अनुभव रहा है।

अतिरिक्त रिसर्च: इंग्लैंड की भविष्य की रणनीति: इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) अब जो रूट और बेन स्टोक्स जैसे दिग्गजों के साथ जैकब बेथेल जैसे युवाओं को तैयार कर रहा है। बेथेल की खासियत यह है कि वे केवल आक्रामक बल्लेबाजी नहीं करते, बल्कि जरूरत पड़ने पर पारी को संभालना भी जानते हैं। उनके इस बयान से साफ है कि 'बैजबॉल' का मतलब केवल अंधाधुंध शॉट मारना नहीं है, बल्कि परिस्थितियों को समझकर खेल को आगे बढ़ाना भी है।

विशेषज्ञों की राय: क्रिकेट जानकारों का मानना है कि बेथेल जैसे युवा खिलाड़ियों का टेस्ट क्रिकेट को इतना सम्मान देना खेल के भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। जहाँ एक तरफ टी-20 लीग्स का दबदबा बढ़ रहा है, वहीं बेथेल का यह कहना कि 'यही असली टेस्ट क्रिकेट है', इस फॉर्मेट की प्रासंगिकता को और मजबूती देता है।

निष्कर्ष: जैकब बेथेल का यह अनुभव उन्हें भविष्य का एक परिपक्व खिलाड़ी बनाएगा। न्यूज़ीलैंड की यह सीरीज उनके लिए केवल एक दौरा नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की मास्टरक्लास साबित हो रही है। अब देखना यह होगा कि वे इस अनुभव को अपनी आने वाली पारियों में कैसे भुनाते हैं।

⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट खिलाड़ियों के साक्षात्कार और खेल आंकड़ों पर आधारित है। खेल जगत की अन्य खबरों के लिए हमारी वेबसाइट के साथ बने रहें। #timelessindianews

Source: Cricket Australia / Sky Sports

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