क्या है पूरा मामला? (The Controversy): फिल्म की रिलीज में देरी का मुख्य कारण 'सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन' (CBFC) के साथ चल रहा विवाद है।
- सिंगल बेंच का फैसला: आज सुबह जस्टिस पी.टी. आशा ने CBFC को आदेश दिया था कि वे फिल्म को तुरंत 'U/A' सर्टिफिकेट जारी करें। कोर्ट ने सेंसर बोर्ड की उस दलील को खारिज कर दिया था जिसमें फिल्म को दोबारा 'रिवाइजिंग कमेटी' के पास भेजने की बात कही गई थी।
- डिवीजन बेंच की रोक: सिंगल बेंच के फैसले के कुछ ही घंटों बाद, CBFC ने इस आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी। मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) की अगुवाई वाली बेंच ने तत्काल सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।
रिलीज क्यों रुकी? (Reason for Postponement): मेकर्स (KVN Productions) ने पहले ही फिल्म की रिलीज को स्थगित कर दिया था क्योंकि उन्हें समय पर सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला। CBFC का कहना है कि फिल्म के कुछ दृश्यों से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सशस्त्र बलों (Armed Forces) के चित्रण पर भी आपत्तियां जताई गई हैं। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 के लिए तय की है, जिसका मतलब है कि फिल्म अब पोंगल (Pongal) के बड़े मौके पर रिलीज नहीं हो पाएगी।
भारी नुकसान की आशंका: KVN प्रोडक्शंस ने कोर्ट को बताया कि इस फिल्म में लगभग ₹500 करोड़ का निवेश किया गया है। पोंगल जैसे बड़े त्यौहार पर फिल्म का न आना मेकर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए एक बड़ा वित्तीय झटका है। विजय के राजनीति में आने से पहले यह उनकी अंतिम फिल्म है, इसलिए फैंस के बीच इसका क्रेज सातवें आसमान पर है।
निष्कर्ष: 'जन नायकन' की रिलीज अब पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया में उलझ गई है। क्या 21 जनवरी को फिल्म को हरी झंडी मिलेगी? यह तो कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा, लेकिन फिलहाल थलापति विजय के करोड़ों फैंस को अभी और लंबा इंतजार करना होगा।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट मद्रास हाई कोर्ट की कार्यवाही और आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। फिल्म की नई रिलीज तारीख कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद ही तय की जाएगी। #timelessindianews
Source: deccanherald
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