न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: वेनेजुएला के विवादित नेता निकोलास मादुरो को सोमवार को भारी सुरक्षा के बीच न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत (Federal Court) में पेश किया गया। मादुरो पर अमेरिका ने "नार्को-टेररिज्म" (Narco-terrorism) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी मात्रा में कोकीन की तस्करी करने का आरोप लगाया है। अदालत की कार्यवाही के दौरान मादुरो ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और खुद को 'निर्दोष' बताया।
कोर्ट में मादुरो का कड़ा रुख: सुनवाई के दौरान मादुरो ने जज के सामने दावा किया कि उन्हें वेनेजुएला से "अगवा" (Kidnapped) किया गया है। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला करार दिया। मादुरो के वकीलों ने तर्क दिया कि एक राष्ट्र प्रमुख को इस तरह गिरफ्तार करना और दूसरे देश में मुकदमा चलाना अवैध है। हालांकि, अमेरिकी अभियोजकों (Prosecutors) ने सबूत पेश करते हुए कहा कि मादुरो ने दशकों तक कोलंबियाई विद्रोही समूहों के साथ मिलकर अमेरिका में ड्रग्स भेजने का रैकेट चलाया है।
राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा संदेश: इस अदालती कार्यवाही के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक और बड़ा बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मादुरो की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वेनेजुएला में अमेरिकी हितों को नुकसान पहुँचाया गया या वहां की सत्ता ने प्रतिरोध जारी रखा, तो अमेरिका "आगे और सैन्य हमले" (Further Strikes) कर सकता है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली तक शांत नहीं बैठेंगे।
क्षेत्रीय प्रभाव और कूटनीति: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद पूरे लैटिन अमेरिका में तनाव का माहौल है। रूस और चीन जैसे देशों ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है, जबकि कई पड़ोसी देशों ने इसे तानाशाही के अंत की शुरुआत बताया है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह मुकदमा न केवल मादुरो के भविष्य का फैसला करेगा, बल्कि दक्षिण अमेरिका में अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को भी परिभाषित करेगा।
निष्कर्ष: निकोलास मादुरो का यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्याय के इतिहास में एक मिसाल बन सकता है। क्या अमेरिका एक विदेशी नेता पर अपने देश में नशीली दवाओं के व्यापार का आरोप सिद्ध कर पाएगा? पूरी दुनिया की नजरें अब इस 'ट्रायल ऑफ द सेंचुरी' पर टिकी हैं।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स और अदालती कार्यवाही पर आधारित है। अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आएगा। #timelessindianews
Source: Reuters
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