नई दिल्ली/रक्षा डेस्क: भारतीय वायुसेना (IAF) अपनी लड़ाकू क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए एक बार फिर रूस की ओर रुख कर सकती है। India Sentinels की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार रूस के 5वीं पीढ़ी के 'चेकमेट' विमान यानी Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट को खरीदने के विकल्प पर विचार कर रही है। यह हलचल ऐसे समय में बढ़ी है जब पड़ोसी देश चीन तेजी से अपने J-20 और J-31 जैसे स्टील्थ विमानों के बेड़े को बढ़ा रहा है, जो भारतीय सीमा पर सुरक्षा संतुलन के लिए चुनौती बन सकते हैं।
क्यों जरूरी है भारत के लिए Su-57? (The Strategic Need)
भारतीय वायुसेना को वर्तमान में 'फिफ्थ जनरेशन' (5th Generation) के विमानों की सख्त जरूरत है।
- चीन की चुनौती: चीन का J-20 विमान रडार की पकड़ में नहीं आता। भारत के पास फिलहाल राफेल जैसे बेहतरीन 4.5 पीढ़ी के विमान हैं, लेकिन पूरी तरह स्टील्थ विमान की कमी है।
- AMCA में देरी: भारत का अपना स्वदेशी स्टील्थ फाइटर AMCA अभी विकास के चरण में है। इसे पूरी तरह तैनात होने में 10-15 साल लग सकते हैं। ऐसे में Su-57 एक 'स्टॉप-गैप' समाधान हो सकता है।
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Su-57 की खासियतें (Key Features)
- स्टील्थ तकनीक: यह विमान रडार को चकमा देने में माहिर है।
- सुपरसोनिक क्रूज: बिना आफ्टरबर्नर के भी यह ध्वनि की गति से तेज उड़ सकता है।
- घातक हथियार: इसमें लंबी दूरी की मिसाइलें और आधुनिक रडार सिस्टम लगे हैं जो दुश्मन को दूर से ही ढेर कर सकते हैं।
पुराने विवाद और नई उम्मीद
भारत पहले रूस के साथ FGFA (Fifth Generation Fighter Aircraft) प्रोग्राम में शामिल था, लेकिन तकनीकी मतभेदों के कारण 2018 में इससे अलग हो गया था। हालांकि, अब रूस ने Su-57 के प्रदर्शन में सुधार किया है और इसे यूक्रेन युद्ध में भी आजमाया है, जिससे भारत की दिलचस्पी फिर से जाग गई है।
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निष्कर्ष: अगर यह सौदा हकीकत बनता है, तो दक्षिण एशिया में भारत की वायु शक्ति का कोई मुकाबला नहीं होगा। क्या रूस के साथ यह पुरानी दोस्ती फिर से परवान चढ़ेगी? #timelessindianews आपको इस डिफेंस डील की हर बारीक जानकारी देता रहेगा।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट रक्षा विशेषज्ञों के विश्लेषण और मीडिया रिपोर्ट्स (India Sentinels) पर आधारित है। भारत सरकार या वायुसेना ने अभी तक इस सौदे पर कोई अंतिम आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। #timelessindianews
Source: indiasentinels
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