वॉशिंगटन/स्वास्थ्य डेस्क: अमेरिकी सरकार ने अपनी पोषण नीति में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में HHS सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर (RFK Jr.) ने नई 'डायटरी गाइडलाइंस 2025-2030' जारी की हैं। इस नीति का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों के गिरते स्वास्थ्य स्तर को सुधारना और पुरानी बीमारियों (Chronic Diseases) के बढ़ते खर्च को कम करना है। प्रशासन का कहना है कि दशकों से सरकार ने विज्ञान के बजाय कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दी, लेकिन अब इसे बदला जा रहा है।
नई गाइडलाइन के 5 मुख्य बिंदु (Key Highlights)
इस नीति में भोजन के प्रति नजरिया पूरी तरह बदल दिया गया है:
- प्रोटीन को प्राथमिकता: अब कार्बोहाइड्रेट के बजाय हाई-क्वालिटी प्रोटीन (अंडे, मांस, मछली, फलियां और नट्स) पर जोर दिया जाएगा।
- प्रोसेस्ड फूड पर बैन की अपील: पहली बार सरकार ने 'अत्यधिक प्रोसेस्ड पैकेज्ड फूड', मीठे पेय पदार्थों और सोडा को पूरी तरह से नजरअंदाज करने की सलाह दी है।
- चीनी पर सख्त रुख: 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 'एडेड शुगर' को पूरी तरह से शून्य करने को कहा गया है।
- हेल्दी फैट्स की वापसी: मक्खन, फुल-फैट डेयरी, जैतून का तेल और ओमेगा-3 युक्त समुद्री भोजन को अब 'दुश्मन' नहीं बल्कि सेहत के लिए जरूरी माना गया है।
- रिफाइंड कार्ब्स से दूरी: सफेद ब्रेड और पैकेज्ड ब्रेकफास्ट के बजाय फाइबर युक्त साबुत अनाज (Whole Grains) को चुनने की सलाह दी गई है।
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हेल्थकेयर खर्च घटाने का मास्टर प्लान रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अपने बजट का 48% हिस्सा स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च करता है, जिसमें से 90% पुरानी बीमारियों पर जाता है।
- SNAP कार्यक्रम में बदलाव: वर्तमान में कई लोग सरकारी मदद (SNAP) का उपयोग मीठे पेय और चिप्स खरीदने में करते हैं। नई नीति इन प्रोत्साहनों को खत्म करने की दिशा में कदम है।
- सैन्य तैयारी: रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि 77% युवा मोटापे और बीमारियों के कारण सेना में भर्ती होने के योग्य नहीं हैं।
'हेल्थ इक्विटी' के बजाय 'हेल्थ आउटकम'
प्रशासन ने पिछली नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने 'हेल्थ इक्विटी' जैसे शब्दों के पीछे छिपकर खराब खान-पान को बढ़ावा दिया। अब मुख्य लक्ष्य सभी अमेरिकियों के लिए 'समान अवसर' के बजाय 'बेहतर स्वास्थ्य परिणाम' प्राप्त करना है।
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निष्कर्ष: अमेरिका की यह नई नीति वैश्विक खाद्य बाजार और अन्य देशों की पोषण नीतियों को भी प्रभावित कर सकती है। भारत जैसे देश, जो 'ईट राइट इंडिया' जैसे अभियान चला रहे हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण केस स्टडी हो सकती है। #timelessindianews आपको स्वास्थ्य और विज्ञान से जुड़ी हर बड़ी वैश्विक हलचल की जानकारी देता रहेगा।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) के आधिकारिक फैक्ट शीट पर आधारित है। अपनी डाइट में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा डॉक्टर या प्रमाणित पोषण विशेषज्ञ (Nutritionist) से सलाह लें। #timelessindianews
Source: hhs
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