क्या है पूरा मामला? (The Incident)
मिनेसोटा के एक स्थानीय चर्च में समुदाय के लोग और एक्टिविस्ट ICE की कार्रवाई के विरोध में एकत्रित हुए थे।
- चर्च में प्रवेश: रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी चर्च के निजी परिसर में बिना अनुमति के घुस गए और वहां चल रही प्रक्रियाओं में बाधा डाली।
- गिरफ्तारी और आरोप: स्थानीय पुलिस ने लेमन सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उन पर 'क्रिमिनल ट्रेसपास' (आपराधिक अतिक्रमण) और 'शांति भंग' करने के आरोप लगाए गए हैं।
- लेमन का पक्ष: डॉन लेमन के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे वहां केवल एक पत्रकार और एक्टिविस्ट के रूप में मौजूद थे और उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से मानवीय अधिकारों की आवाज उठाना था।
विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब डॉन लेमन चर्चा में हैं। CNN से हटाए जाने के बाद से वे लगातार अपने बयानों और सोशल मीडिया एक्टिविज्म को लेकर खबरों में बने रहते हैं। हालांकि, चर्च जैसी पवित्र जगह पर इस तरह के प्रदर्शन और फिर कानूनी कार्रवाई ने इस विवाद को और हवा दे दी है।
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आगे क्या होगा? मिनेसोटा कानून के अनुसार, अगर दोष सिद्ध होता है, तो लेमन को जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। फिलहाल उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन कोर्ट में पेशी की तारीख जल्द ही तय होगी।
निष्कर्ष: अभिव्यक्ति की आजादी और कानून के बीच की यह जंग अब अदालत में तय होगी। क्या डॉन लेमन खुद को निर्दोष साबित कर पाएंगे? #timelessindianews आपको इस मामले की हर अदालती अपडेट देता रहेगा।
⚡️ डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी BBC और उपलब्ध कानूनी दस्तावेजों पर आधारित है। मामले की अदालती कार्यवाही अभी जारी है और आरोप सिद्ध होना बाकी है। #timelessindianews
Source: bbc
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