ओमाहा, नेब्रास्का: आज साल 2025 के आखिरी दिन, निवेश की दुनिया का सबसे बड़ा सितारा अपनी आधिकारिक भूमिका से पीछे हट रहा है। 95 वर्षीय वॉरेन बफेट आज बर्कशायर हैथवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपना अंतिम कार्यदिवस बिता रहे हैं। 1965 में एक डूबती हुई कपड़ा कंपनी को खरीदने से लेकर उसे 1.1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के विशाल साम्राज्य में बदलने तक, बफेट का सफर आधुनिक कॉर्पोरेट इतिहास की सबसे सफल गाथा है।
बिजनेस लीडर्स द्वारा साझा किए गए प्रमुख सबक:
- धैर्य और कंपाउंडिंग की शक्ति: बफेट ने सिखाया कि धन रातों-रात नहीं, बल्कि दशकों के धैर्य से बनता है। उनका प्रसिद्ध मंत्र है—"यदि आप किसी शेयर को 10 साल तक रखने की हिम्मत नहीं रखते, तो उसे 10 मिनट के लिए भी न खरीदें।"
- 'सर्कल ऑफ कॉम्पिटेंस' में रहना: उन्होंने हमेशा उन व्यवसायों में निवेश किया जिन्हें वे समझते थे (जैसे कोका-कोला, एप्पल, इंश्योरेंस)। बिजनेस लीडर्स के लिए सबक यह है कि अपनी सीमाओं को जानना ही असली बुद्धिमत्ता है।
- सादगी और विनम्रता: अरबों की संपत्ति के बावजूद बफेट आज भी उसी घर में रहते हैं जो उन्होंने 1958 में खरीदा था। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत को सिखाया कि सफलता का मतलब तड़क-भड़क नहीं, बल्कि स्थिरता है।
- अपनी गलतियों को स्वीकार करना: अपने वार्षिक पत्रों में बफेट ने हमेशा अपनी निवेश संबंधी गलतियों को खुलकर स्वीकार किया। नेताओं के लिए यह पारदर्शिता और जवाबदेही का सबसे बड़ा उदाहरण है।
- इंसानियत और दयालुता (Kindness): अपने आखिरी विदाई पत्र में बफेट ने लिखा कि "सफलता का असली पैमाना आपके बैंक बैलेंस से नहीं, बल्कि इस बात से है कि कितने लोग आपसे सच्चा प्यार करते हैं।"
एक नए युग की शुरुआत:
ग्रेग एबेल अब इस विशाल साम्राज्य का नेतृत्व करेंगे। बफेट ने बर्कशायर के पास 380 बिलियन डॉलर से अधिक का कैश रिज़र्व छोड़ा है, जो एबेल के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगा। हालांकि बफेट ने कहा है कि वे अब "शांत रहेंगे", लेकिन उनकी विरासत और सिखाए गए सबक आने वाली कई पीढ़ियों तक निवेशकों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
Warren Buffett's Last Letter to Shareholders
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह रिपोर्ट वॉरेन बफेट के सार्वजनिक पत्रों, CNN की रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक विश्लेषणों पर आधारित है। #timelessindianews
Source: CNN Business / Reuters
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