वॉशिंगटन: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पदभार संभालते ही अपने 'अमेरिका फर्स्ट' विजन को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए हैं, जो न केवल अमेरिका के घरेलू ढांचे को बदलेंगे, बल्कि वैश्विक राजनीति के समीकरणों को भी नई दिशा देंगे।
ट्रम्प प्रशासन के प्रमुख फैसले और नियुक्तियां:
- कैबिनेट का चुनाव: ट्रम्प ने अपनी नई टीम में उन वफादारों और अनुभवी चेहरों को शामिल किया है, जो बिना किसी देरी के उनके एजेंडे को लागू कर सकें। इन नियुक्तियों को लेकर सीनेट में तीखी बहस होने की संभावना है।
- सीमा सुरक्षा और आव्रजन (Immigration): ट्रम्प ने अवैध प्रवासन को रोकने के लिए सख्त नियमों की घोषणा की है। इसमें सीमा पर दीवार के काम को तेज करना और निर्वासन (Deportation) की प्रक्रियाओं को सख्त बनाना शामिल है।
- आर्थिक नीतियां: ट्रम्प का मुख्य फोकस विदेशी सामानों पर टैरिफ बढ़ाने और घरेलू करों (Taxes) में कटौती करने पर है, ताकि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सके।
- विदेश नीति में बदलाव: यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व के संकटों को लेकर ट्रम्प प्रशासन का रुख पिछली सरकार से काफी अलग नजर आ रहा है। वे 'शांति के माध्यम से ताकत' की नीति पर जोर दे रहे हैं।
- प्रशासनिक सुधार: ट्रम्प ने सरकारी नौकरशाही में कटौती करने और सरकारी खर्चों को कम करने के लिए एक विशेष कार्यबल के गठन का संकेत दिया है।
वैश्विक राजनीति पर असर: विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प की इन नीतियों से चीन और अन्य व्यापारिक साझीदारों के साथ तनाव बढ़ सकता है। भारत के नजरिए से देखें तो आईटी सेक्टर के एच-1बी वीजा नियमों और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर इसके असर को लेकर विशेषज्ञ बारीकी से नजर रख रहे हैं।
पूरी खबर का निष्कर्ष यह है कि डोनाल्ड ट्रम्प का यह कार्यकाल बहुत ही आक्रामक रहने वाला है। उनके हर फैसले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और राजनयिक संबंधों पर पड़ेगा, जिसे नजरअंदाज करना किसी भी देश के लिए मुमकिन नहीं होगा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। राजनीतिक निर्णयों के प्रभाव जटिल हो सकते हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। #TimelessIndianews
Source: The New York Times
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