शेयर बाजार में निवेश की रणनीति को लेकर दिग्गज बाजार विशेषज्ञ समीर दलाल ने एक नई चर्चा छेड़ दी है। इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और कमोडिटी मार्केट में चल रही तेजी के बीच निवेशकों को अपना ध्यान मेटल सेक्टर से हटाकर गोल्ड लोन कंपनियों की ओर लगाना चाहिए। उनके अनुसार, मुथूट फाइनेंस (Muthoot Finance) और मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) जैसे शेयर इस समय मेटल स्टॉक्स की तुलना में अधिक सुरक्षित और लाभप्रद हो सकते हैं।
एक्सपर्ट के विश्लेषण की मुख्य बातें:
- गोल्ड की कीमतों का असर: समीर दलाल के अनुसार, जब सोने की कीमतें बढ़ती हैं, तो गोल्ड लोन कंपनियों का कोलेटरल (Collateral) मूल्य बढ़ जाता है। इससे कंपनियों का रिस्क कम होता है और उनकी प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ती है।
- मेटल स्टॉक्स की चुनौतियाँ: मेटल सेक्टर पूरी तरह से ग्लोबल डिमांड और सप्लाई पर निर्भर है। चीन की आर्थिक स्थिति और वैश्विक मंदी की आहट से मेटल शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जो छोटे निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
- एनबीएफसी (NBFC) का बेहतर प्रदर्शन: गोल्ड लोन देने वाली एनबीएफसी कंपनियों का लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो इस समय काफी मजबूत स्थिति में है। मुथूट और मणप्पुरम जैसी कंपनियों का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी स्थिर बना हुआ है।
- सुरक्षित विकल्प: एक्सपर्ट का मानना है कि यदि कमोडिटी बाजार में गिरावट आती है, तब भी गोल्ड लोन कंपनियां अपनी एसेट क्वालिटी के कारण सुरक्षित रहेंगी, जबकि मेटल कंपनियों के मार्जिन पर सीधा प्रहार होगा।
पूरी खबर का निष्कर्ष यह है कि निवेशकों को केवल तेजी को देखकर मेटल शेयरों की ओर नहीं भागना चाहिए। सुरक्षित पोर्टफोलियो के लिए गोल्ड लोन स्टॉक्स एक बेहतर विविधीकरण (Diversification) साबित हो सकते हैं।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। #TimelessIndianews
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