मुंबई: टीवी के सबसे लोकप्रिय शो 'कौन बनेगा करोड़पति 17' (Kaun Banega Crorepati 17) का हालिया एपिसोड ऐतिहासिक रहा। शो में मेहमान के तौर पर पहुँचे आदित्य बिरला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला ने भारतीय व्यापार जगत के दो सबसे शक्तिशाली घरानों—टाटा और बिरला—के बीच के उन रिश्तों से पर्दा उठाया जो आज तक सार्वजनिक नहीं थे।
रिश्तों की गहराई और शेयरहोल्डिंग का खुलासा:
- टाटा कंपनियों में बिरला की हिस्सेदारी: कुमार मंगलम बिरला ने बताया कि जेआरडी टाटा और उनके दादा बीके बिरला बहुत करीबी दोस्त थे। उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब कुछ टाटा कंपनियों में खुद टाटा परिवार से अधिक शेयर बिरला परिवार के पास थे। यह दोनों परिवारों के बीच 'परम विश्वास' (Ultimate Trust) का प्रतीक था।
- रतन टाटा का भावनात्मक संदेश: कुमार मंगलम ने वह दौर याद किया जब 1995 में उनके पिता आदित्य बिरला का निधन हुआ था। उस मुश्किल वक्त में रतन टाटा उनके साथ खड़े रहे और उन्हें सहारा देते हुए कहा था, "कभी भी ज़रूरत पड़े तो याद रखना, मैं तुम्हारा दोस्त हूँ।"
- अमिताभ बच्चन का अनुभव: शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने भी रतन टाटा की विनम्रता की सराहना की। उन्होंने बताया कि सरकारी अभियानों (जैसे पोलियो उन्मूलन) के दौरान रतन टाटा हमेशा सादगी से रहते थे और कभी किसी को यह महसूस नहीं होने देते थे कि वे इतने बड़े साम्राज्य के मालिक हैं।
- रतन टाटा की 'नर्वसनेस': कुमार मंगलम बिरला ने बताया कि एक बार एक इवेंट में रतन टाटा काफी असहज दिख रहे थे। जब उन्होंने कारण पूछा, तो रतन टाटा ने बहुत मासूमियत से जवाब दिया कि उन्हें स्टेज पर बोलने से डर लगता है। बिरला के अनुसार, यह उनकी महानता और सादगी थी।
पूरी खबर का निष्कर्ष यह है कि टाटा और बिरला परिवार के रिश्ते केवल व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने भारतीय उद्योग जगत को आपसी सहयोग और विश्वास की एक नई परिभाषा दी है। आज के समय में जब कॉर्पोरेट जगत में गलाकाट प्रतिस्पर्धा है, यह किस्सा नैतिकता और मित्रता की एक नई मिसाल पेश करता है।
⚡️ डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह रिपोर्ट टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के प्रसारण और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। व्यापारिक आंकड़ों की ऐतिहासिक पुष्टि के लिए संबंधित समूहों के आधिकारिक रिकॉर्ड देखें। #timelessindianews
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